आरती हिन्दू पूजा-पद्धति का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह भगवान की उपासना का वह क्षण होता है जब दीपक या दीया जलाकर देवता के समक्ष घुमाया जाता है। आरती का अर्थ है — “प्रकाश के माध्यम से आराधना करना”।
आरती के समय भक्त दीपक, धूप और घंटी की ध्वनि के साथ भगवान की स्तुति करते हैं। यह क्रिया भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।