Short Story in Hindi

By Sanatan

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short story

1. माँ की ममता

सोनू के लिए उसकी माँ ही उसकी दुनिया थी। वह छोटे से ही था जब उसकी माँ ने उसकी पहली क़दम चलने में मदद की थी। माँ के होंठों से सुना कर वह अपनी पहली कहानी सुनता था। माँ की बातों में ही उसकी दुनिया बसी थी।
वह हर दिन स्कूल जाने के बाद घर लौटकर माँ की गोद में बैठ कर हर बात सुनता था। माँ के होंठों से निकली गालियों में वह अपनी माँ की वो प्यार भरी बातें सुनता था जिनमें सब कुछ ठीक हो जाता था। माँ की ममता उसे शक्ति देती थी हर मुश्किल से सामना करने की।

एक दिन, सोनू को स्कूल में एक बड़ा सवाल समझ में नहीं आया। वह घर लौटकर रोता हुआ अपनी माँ के पास गया। माँ ने उसके सवाल को समझाने का प्रयास किया और उसे समझाया कि वह सवाल कैसे हल कर सकता है।

सोनू ने अपनी माँ की सलाह का पालन किया और सवाल का जवाब ढूंढ लिया। उसकी माँ ने उसे समझाया कि माँ की ममता से हर मुश्किल को आसानी से पार किया जा सकता है।

सोनू ने अपनी माँ की ममता का महत्व समझ लिया। वह हर मुश्किल का सामना करने में सक्षम हो गया और अपनी माँ के साथ हर कदम पर चलने लगा।
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि माँ की ममता और सलाह का महत्व अत्यधिक होता है। माँ हमें न सिर्फ जीवन के सभी सवालों का सही जवाब देती है, बल्कि हमें सफलता की ओर आगे बढ़ने का सही रास्ता भी दिखाती है।

2. माँ की ममता

यह कहानी एक गांव के छोटे से गरीब परिवार की है, जिसमें एक माँ और उसके दो बच्चे थे – एक बेटा नामक राजू और एक बेटी नामक मीना। गरीबी के बावजूद, माँ की ममता और प्यार में वो बच्चों को कभी भी कमी महसूस नहीं होने देता था।

माँ का दिन अपने बच्चों के साथ बड़े ही सरलता और समर्पण से गुजरता था। वह रोज़ सुबह बच्चों के लिए आलू की सब्जी बनाकर उन्हें स्कूल भेज देती थी, जबकि वह खुद अपने पेट को प्यासे में राख देती।

एक दिन, गांव में एक संगठन ने बच्चों के लिए शिक्षा की एक योजना शुरू की। इस योजना के तहत, बच्चों को मुफ्त में पढ़ाई का मौका मिला। लेकिन यह मौका केवल गरीब परिवारों के बच्चों के लिए था, जो प्राथमिक शिक्षा से दूर थे।

माँ ने अपने बच्चों को इस योजना के बारे में बताया और उन्हें यह समझाया कि शिक्षा का महत्व क्या होता है। वे अपने बच्चों को यह समझाने के लिए किसी भी कठिनाई का सामना कर सकती थीं।

राजू और मीना ने अपनी माँ के साथ इस योजना का समर्थन किया और उन्होंने इसके लिए पढ़ाई में बहुत मेहनत की। माँ ने भी उनका साथ दिया और उन्हें पढ़ाई में मदद की।

धीरे-धीरे, राजू और मीना की पढ़ाई में सुधार हुआ और वे अच्छे ग्रेड्स प्राप्त करने लगे। उनकी माँ की ममता और समर्पण ने उन्हें उनके लक्ष्यों तक पहुँचाया।

अंत में, राजू और मीना ने अच्छे अंकों के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की और उन्होंने अच्छी नौकरियाँ प्राप्त की। वे अब अपनी माँ की ममता का प्रतिश्रुति निभा रहे थे, और उनकी माँ गर्व से हंसी में लिपटी थीं।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि माँ की ममता और समर्पण किसी भी मुश्किल को पार करने की शक्ति और साहस देते हैं। एक माँ का प्यार और संघर्ष से भरपूर होता है, जिससे उसके बच्चे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

3. माँ की ममता

सुमित्रा के लिए उसकी माँ ही सब कुछ थी। उसकी माँ का नाम सरिता था, और वह दोनों एक छोटे से गाँव में रहती थीं। सरिता की ममता और प्यार ने सुमित्रा को हमेशा महसूस कराया कि वह कितनी खास है।
सुमित्रा के पिता कई साल पहले ही इस दुनिया को छोड़कर चले गए थे, और सरिता ने एकलौते बच्चे की परवाह किए बिना अपने बच्चे को पाल-पोष किया। गरीबी के बावजूद, सरिता ने सुमित्रा को शिक्षा का महत्व सिखाया और उसे स्कूल भेजने में अपनी सारी शक्ति लगाई।

सरिता की ममता और समर्पण ने सुमित्रा को हमेशा सहारा दिया। वह बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करती थीं। अपने छोटे गाँव में, वह सुमित्रा को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए हर संभाव प्रयास करती थीं।

सुमित्रा बड़ी होते होते अपनी माँ के साथ बिताए वक़्त की क़द्र करने लगी। वह जानती थी कि माँ की ममता और स्नेह बिना किसी शर्त के होता है।

जब सुमित्रा बड़ी हो गई, तो वह अच्छी पढ़ाई करके एक अच्छी नौकरी पाई। उसने अपनी माँ की ममता के बदले उसे खुश देखने का एक नया सपना पूरा किया।

सुमित्रा की कहानी हमें यह सिखाती है कि माँ की ममता और समर्पण किसी भी मुश्किल को पार करने की शक्ति देते हैं। माँ का प्यार और सहारा हमारे जीवन में अद्वितीय होता है, और वह हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए साहस देते हैं। सुमित्रा ने अपनी माँ की ममता को सदैव याद किया और उसका समर्थन उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

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